पानीपत के शिल्पकार खेमराज सुंदरियाल को पद्मश्री: वैश्विक पटल पर चमकाया हरियाणा का हैंडलूम
पानीपत हैंडलूम को विदेश तक पहुंचाने वाले 84 वर्षीय खेमराज सुंदरियाल को पद्मश्री देने की घोषणा की गई है। खेमराज मूलरूप से उत्तराखंड के गढ़वाल के सोमाड़ी गांव के रहने वाले हैं। पानीपत में खड्डी चलाकर जीवन की शुरुआत की थी। श्रीनगर में दसवीं पास कर तीन साल का कोर्स किया।
पानीपत के हैंडलूम के उत्पादों के सैंपल बनाकर विदेश भेजते थे, जो पास होते थे। अपने जीवन में हजारों लोगों को खड्डी चलाने और हैंडलूम के उम्दा सैंपल बनाने का प्रशिक्षण दिया। 26 जनवरी की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु कुछ देर में इसकी घोषणा करेंगी
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