Wed, Jan 7, 2026
Whatsapp

हरियाणा में साइबर अपराध पर निर्णायक प्रहार, 2025 में रिकॉर्ड गिरफ्तारी, 100 प्रतिशत तक त्वरित कार्रवाई- DGP अजय सिंघल

वर्ष-2025 में हरियाणा पुलिस ने साइबर अपराध से ठगी गई राशि को सुरक्षित कराने के क्षेत्र में अभूतपूर्व सफलता दर्ज करते हुए देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।

Reported by:  PTC News Desk  Edited by:  Baishali -- January 05th 2026 03:41 PM
हरियाणा में साइबर अपराध पर निर्णायक प्रहार, 2025 में रिकॉर्ड गिरफ्तारी, 100 प्रतिशत तक त्वरित कार्रवाई- DGP अजय सिंघल

हरियाणा में साइबर अपराध पर निर्णायक प्रहार, 2025 में रिकॉर्ड गिरफ्तारी, 100 प्रतिशत तक त्वरित कार्रवाई- DGP अजय सिंघल

वर्ष-2025 में हरियाणा पुलिस ने साइबर अपराध से ठगी गई राशि को सुरक्षित कराने के क्षेत्र में अभूतपूर्व सफलता दर्ज करते हुए देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। NCRP पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार हरियाणा ने साइबर ठगी की लगभग 36 प्रतिशत राशि को समय रहते ब्लॉक कर नागरिकों को बड़ी राहत प्रदान की, जबकि दूसरे स्थान पर रहे राज्य की यह दर लगभग 27 प्रतिशत ही रही। प्रथम और द्वितीय स्थान के बीच लगभग 9 प्रतिशत अंकों का यह उल्लेखनीय अंतर न केवल हरियाणा की शीर्ष रैंकिंग को दर्शाता है, बल्कि यह भी प्रमाणित करता है कि राज्य की साइबर पुलिसिंग प्रणाली अन्य राज्यों की तुलना में कहीं अधिक तेज, तकनीक-आधारित, प्रभावी और परिणामोन्मुख है। साथ ही, वर्ष 2025 के दौरान हरियाणा पुलिस की समन्वित और सख्त कार्रवाई के चलते साइबर ठगी से होने वाले कुल वित्तीय नुकसान में 36 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है, जो आमजन के बढ़ते विश्वास, जीरो-टॉलरेंस नीति और सफल अपराध नियंत्रण का स्पष्ट प्रमाण है।

डीजीपी का विज़न 2026ः तकनीक-सशक्त पुलिसिंग, सुरक्षित साइबर हरियाणा


हरियाणा के पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने वर्ष-2026 के लिए अपना विज़न साझा करते हुए कहा कि हरियाणा पुलिस साइबर अपराध के विरुद्ध अपनी लड़ाई को और अधिक तकनीक-सशक्त, नागरिक-केंद्रित और परिणामोन्मुख बनाएगी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 की उपलब्धियां हरियाणा पुलिस की मजबूत नींव को दर्शाती हैं और वर्ष 2026 में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनालिटिक्स, रियल-टाइम बैंकिंग समन्वय और प्रो-एक्टिव इंटेलिजेंस के माध्यम से साइबर अपराधियों के नेटवर्क को जड़ से तोड़ने पर विशेष फोकस रहेगा। डीजीपी ने स्पष्ट किया कि प्राथमिकता केवल अपराध के बाद कार्रवाई तक सीमित नहीं होगी, बल्कि साइबर अपराध की रोकथाम, ठगी की राशि को समय रहते सुरक्षित करना और आम नागरिक को त्वरित राहत देना हरियाणा पुलिस की सर्वाेच्च प्रतिबद्धता रहेगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वर्ष 2026 में हरियाणा पुलिस साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में देश के लिए एक मॉडल राज्य के रूप में उभरेगी।

आंकड़ों में सफलता की स्पष्ट तस्वीर

वर्ष 2025 में साइबर अपराध के प्रति नागरिकों की जागरूकता और हरियाणा पुलिस पर बढ़ते विश्वास के परिणामस्वरूप कुल 1,41,685 शिकायतें प्राप्त हुईं, जो वर्ष 2024 की तुलना में 8.5 प्रतिशत अधिक हैं। मामलों के पंजीकरण में 12.7 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 6,212 साइबर अपराध के केस दर्ज किए गए, जिससे अधिकाधिक घटनाओं को कानूनी प्रक्रिया के अंतर्गत लाकर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकी। इसके साथ ही पुलिस द्वारा की गई स्वप्रेरित (सुओ-मोटो) कार्रवाई में 62.6 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि के साथ 356 मामले दर्ज होना साइबर अपराध के विरुद्ध हरियाणा पुलिस की सक्रिय, सतर्क और प्रो-एक्टिव पुलिसिंग को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।

गिरफ्तारी के मोर्चे पर वर्ष-2025 ऐतिहासिक रहा, जब कुल 8,022 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया अर्थात् औसतन 22 गिरफ्तारियां प्रतिदिन की गई। इन सख्त कार्रवाइयों का सीधा असर यह हुआ कि साइबर ठगी की कुल राशि 980 करोड़ रूप्ये से घटकर 630 करोड़ रूपये रह गई। यानी 350 करोड़ रूपये (36 प्रतिशत) की कमी, जो प्रतिदिन लगभग 1 करोड़ रूपये की वित्तीय बचत को दर्शाती है। इसके साथ ही ठगी की राशि को होल्ड और रिकवर करने की दर 27 प्रतिशत से बढ़कर 40 प्रतिशत तक पहुंच गई, जो अब तक की सर्वाधिक है।

1930 साइबर हेल्पलाइन- पीड़ितों के लिए त्वरित और भरोसेमंद राहत

साइबर अपराध के पीड़ितों के लिए हरियाणा पुलिस की 24×7 कार्यरत साइबर हेल्पलाइन 1930 एक मजबूत सुरक्षा कवच के रूप में उभरी है। इस हेल्पलाइन पर कॉल मिलते ही शिकायत का रियल-टाइम पंजीकरण किया जाता है और बैंकों के साथ समन्वय कर ठगी की राशि को तुरंत फ्रीज कराने की कार्रवाई की जाती है।

ईआरएसएस (डायल-112) भवन, पंचकूला के तृतीय तल पर संचालित इस अत्याधुनिक कॉल सेंटर में कुल 74 पुलिस अधिकारी तैनात हैं। यहां तीन शिफ्टों में 45 कॉल टेकर, 11 प्रमुख बैंकों के 16 नोडल अधिकारी, 27 अधिकारियों की बैंक फॉलो-अप यूनिट, एस4सी में तैनात 4 अधिकारी तथा म्यूल अकाउंट टारगेट टीम निरंतर कार्य कर रही है, जिससे पीड़ितों को तुरंत राहत मिल सके।

एस4सी हरियाणाः साइबर अपराध के विरुद्ध रणनीतिक समन्वय

केंद्रीय गृह मंत्रालय के एस4सी मॉडल पर स्थापित स्टेट साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (एस4सी) हरियाणा ने फील्ड यूनिट्स, बैंकों और राष्ट्रीय एजेंसियों के साथ प्रभावी तालमेल को और मजबूत किया है। क्राइम लिंकेज, यूआरएल ब्लॉकिंग, सीआईएआर, मोबाइल ब्लॉकिंग और हाई-वैल्यू केस स्क्रूटनी जैसी विशेष इकाइयों के माध्यम से साइबर अपराधियों के संगठित नेटवर्क को तोड़ा गया है। मोबाइल ब्लॉकिंग का यह मॉडल आई4सी द्वारा सराहा गया है और इसे राष्ट्रीय स्तर पर लागू करने पर विचार किया जा रहा है।

पांच सूत्रीय रणनीति से निर्णायक परिणाम

वर्ष-2025 की शुरुआत में हरियाणा पुलिस द्वारा अपनाई गई पांच सूत्रीय रणनीति के तहत साइबर अपराध के पूरे इकोसिस्टम पर प्रहार किया गया। इसके अंतर्गत 1.50 लाख से अधिक मोबाइल नंबर, 12,326 आईएमईआई और 5,123 फर्जी वेबसाइट/सोशल मीडिया अकाउंट ब्लॉक किए गए। साइबर ठगी में प्रयुक्त 3.54 लाख म्यूल बैंक अकाउंट चिन्हित कर फ्रीज किए गए। इसके साथ ही 91 संदिग्ध बैंक शाखाओं की पहचान की गई और 62 बैंक अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया। साइबर अपराध से बचाव के लिए चलाए गए व्यापक जन-जागरूकता अभियानों के माध्यम से 1.9 करोड़ से अधिक नागरिकों तक सीधा संदेश पहुंचाया गया।

- PTC NEWS

Top News view more...

Latest News view more...

PTC NETWORK
PTC NETWORK