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हरियाणा की वित्तीय स्थिति पर बोले अभय- प्रदेश में जन्म लेने वाला हर बच्चा 1 लाख का कर्जदार

By Arvind Kumar -- March 14, 2021 3:21 pm -- Updated:March 14, 2021 3:21 pm

चंडीगढ़। इंडियन नेशनल लोकदल के प्रधान महासचिव अभय सिंह चौटाला ने रविवार को चंडीगढ़ पार्टी मुख्यालय में सरकार द्वारा विधानसभा में प्रस्तुत किए गए वर्ष 2021-22 के बजट पर कहा कि यह बजट प्रदेश की जनता की आंखों में धूल झोंकने वाला बजट है। इनेलो नेता ने कहा कि कृषि, बिजली, ट्रांसपोर्ट, पब्लिक हेल्थ, ग्रामीण विकास, शिक्षा एवं स्वास्थ्य ऐसे विभाग हैं जो सीधे जनता से जुड़े हैं।

INLD Leader Abhay Chautala हरियाणा की वित्तीय स्थिति पर बोले अभय- प्रदेश में जन्म लेने वाला हर बच्चा 1 लाख का कर्जदार

उन्होंने कहा कि बजट में कृषि का हिस्सा जो वर्ष 2016-17 में 13.71, वर्ष 2017-18 में 12.49, 2018-19 में 12.22, 2019-20 10.31, 2020-21 में 12.42 था, अब घटाकर 10.33 प्रतिशत कर दिया। प्रदेश की जीडीपी में कृषि की हिस्सेदारी 1950 में जहां 50 प्रतिशत थी अब घटकर -5.7 प्रतिशत रह गई है। बिजली पर सब्सिडी जो 2016-17 में 10.76, वर्ष 2017-18 में 6.31, 2018-19 में 5.87 और 2019-20 में घटकर 4.63 प्रतिशत रह गई थी, अब बिल्कुल खत्म कर दी गई है।

वहीं ट्रांसपोर्ट में बजट का 2016-17 में 6.28, 2017-18 में 6.23, 2018-19 में 4.73 और 2019-20 में घटकर 4.12, 2020-21 में 3.84 था, अब घटाकर 3.32 प्रतिशत कर दिया गया है। पब्लिक हेल्थ में 2016-17 में 3.16, 2017-18 में 3.31, 2018-19 में 3.20, 2019-20 में 2.71, 2020-21 में 2.51 था, अब घटाकर 2.18 प्रतिशत कर दिया है। बजट में राशि घटाने से प्रदेश में जनस्वास्थ्य की सेवाएं आम नागरिकों को नहीं मिल पाएंगी।
इनेलो नेता ने कहा कि 2000 से लेकर 2005 तक जब इनेलो सरकार थी तब 1966 से लेकर 2005 तक कुल 23319 करोड़ रुपए का कर्जा था। उस समय सरकार ने दस हजार करोड़ रुपए कर्जा लिया था जिसमें से 7300 करोड़ रुपए वापिस कर दिए गए थे। उन्होंने कहा कि इनेलो पार्टी के शासनकाल के समय प्रदेश का रेवेन्यू बढ़ा था और आज तक का रिकार्ड है कि जो विकास हमारे समय में हुआ वो आज तक हरियाणा प्रदेश के इतिहास में कभी नहीं हुआ। हमारी सरकार दो हजार करोड़ रुपए का सरप्लस छोड़कर गई थी।

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वर्ष 2014-15 में कांग्रेस जब सत्ता से गई तब प्रदेश पर लगभग 70 हजार करोड़ रुपए कर्ज था। आज वर्तमान की भाजपा गठबंधन सरकार पर लगभग दो लाख 43 हजार करोड़ रुपए का कर्जा है। इस वर्ष कर्ज की देनदारी 48537 करोड़ रखी गई है जो कुल राशि का 30.80 प्रतिशत बनता है। भाजपा सरकार ने स्वयं स्वीकार किया है कि पिछले साल कोई भी विकास का कार्य नहीं हुआ तो लिए गए कर्ज की राशि कहां गई? साफ है कि सारा पैसा सरकार में बैठे लोगों द्वारा डकार लिया गया।

अभय ने कहा कि हालात ये हैं कि आज प्रदेश में जन्म लेने वाला हर बच्चा एक लाख रुपए का कर्जा सिर पर लेकर पैदा होता है। 2008 के बाद प्रदेश में डेफिसेट बढ़ता आ रहा है। हैरानी की बात ये है कि पर केपिटा इनकम जो 2020-21 में एक लाख 72 हजार रुपए थी अब घटकर एक लाख 63 हजार रुपए रह गई है।

इनेलो नेता ने कहा कि हरियाणा एक ऐसा राज्य है जो एनसीआर में आता है और छोटा प्रदेश होते हुए भी जहां सबसे अधिक उद्योग हैं, बेरोजगारी में पूरे देश में नम्बर एक पर है। भाजपा की सहयोगी पार्टी जो 75 प्रतिशत रोजगार और 11 हजार रुपए बेरोजगारी भत्ता का नारा देकर सत्ता में आई है, आज पूरे देश में सबसे ज्यादा बेरोजगार युवक हमारे प्रदेश में हैं और बेरोजगारी भत्ते के नाम पर नौजवानों को एक फूटी कौड़ी भी नहीं दी जा रही।

हरियाणा की वित्तीय स्थिति पर बोले अभय- प्रदेश में जन्म लेने वाला हर बच्चा 1 लाख का कर्जदार

इनेलो नेता ने कहा कि सरकार द्वारा डीसी रेट जो नौकरियां दी जाती हैं आज उसका नाम ‘दुष्यंत कान्ट्रेक्ट रेट’ हो गया है। आज हालात ये हैं कि डीसी रेट पर नौकरी पाने के लिए एक महीने की तनख्वाह बतौर रिश्वत ली जाती है। जो लोग बच्चों का भविष्य सुधारने की बात कहते थे आज उनको भी लूट लिया है।

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