पंचकूला के बीआरएस डेंटल कालेज व अस्पताल में लगा ताला, छात्र पहुंचे हाईकोर्ट

HighCourt

पंचकूला। पंचकूला के बरवाला स्थित बीआरएस डेंटल कॉलेज में ताले लग गए हैं, कॉलेज से प्रबंधक गायब है और बिजली पानी सब कट चुका है, वेतन नहीं मिलने के कारण 5 महीने पहले ही सभी फैकल्टी व स्टाफ ने सामूहिक इस्तीफे दे दिए थे। कालेज में बैचलर ऑफ़ डेंटल साइंस और मास्टर ऑफ़ डेंटल साइंस के स्टूडेंट्स का भविष्य अंधकारमय हो गया है जिन्हे हॉस्टल से भी बाहर कर दिया गया है जिसके पश्चात अब परेशान स्टूडेंट्स ने हाईकोर्ट की शरण ली है और मांग की है निदेशक मेडिकल एजुकेशन और यूनिवर्सिटी खुद का आर्बीट्रेटर नियुक्त कर कक्षाएं शुरू करवाए अन्यथा उन्हें हरियाणा के निजी डेंटल कॉलेजों में शिफ्ट किया जाए। याचिका पर प्राथमिक सुनवाई के बाद जस्टिस बीएस वालिया ने केंद्र सरकार व हरियाणा सरकार, डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया और कॉलेज प्रबंधन को नोटिस जारी कर 2 दिसंबर तक जवाब मांगा है।

पंचकूला के बीआरएस डेंटल कालेज व अस्पताल में लगा ताला, छात्र पहुंचे हाईकोर्ट

छात्रों ने याचिका में कहा कि अक्टूबर 2018 में दिक्कते शुरू हुई थी जब कालेज प्रबंधन ने टीचर्स फैकेल्टी व अन्य स्टाफ का वेतन देना बंद कर दिया जिसके चलते जुलाई 2019 से स्टाफ ने काम करना बंद कर दिया। इसके चलते पिछले पांच महीने से कॉलेज में कोई क्लास नहीं लगी और कुछ दिन पश्चात अस्पताल की ओपीडी भी बंद कर दी गई क्योकि बिजली और पानी के कनेक्शन बिल जमा नहीं होने के कारण काट दिए गए थे | स्टूडेंट्स ने बीड़ी शर्मा यूनिवर्सिटी पीजीआई रोहतक ,हरियाणा सरकार के सम्बंधित अधिकारियों ,डेंटल मेडिकल कॉउंसिल व कॉलेट निदेशक मंडल व चेयरमैन को ज्ञापन भी दिए पर कोई परिणाम नहीं निकला | कालेज प्रबंधन ने छात्रों से वर्ष 2020 जुलाई तक की एडवांस फीस भी ली और हवाला फैकेल्टी को वेतन दिया जाना है जिसके बाद कक्षाएं शुरू हो जाएंगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ उनसे बिना रसीद दिए लाखो रूपये फीस के रूप में एडवांस लिए गए।

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बिजली पानी व सुरक्षा कर्मी नहीं रहे जिसके चलते स्टूडेंट्स को हॉस्टल भी खाली करने पड़े। आज बीआरएस डेंटल कालेज में ताले लग चुके है और प्रबंधन गायब है जिसके चलते उन्हें हाईकोर्ट की शरण लेनी पडी हैस्टूडेंट्स ने हाईकोर्ट में दाखिल की याचिका में कहा है कि उन्होंने एंट्रेस टेस्ट क्लियर किये थे जिसके बाद यूनिवर्सिटी ने उन्हें बीआरएस डेंटल कालेज में एडमिशन दिया था और प्रवेश प्रक्रिया सरकार के मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च विभाग की देख रेख में हुआ था इसलिए सरकार व सम्बंधित यूनिवर्सिटी की जिम्मेदारी है कि उन्हें डिग्री पूरी करवाई जाए। याचिका में हाईकोर्ट के किसी सेवानिवृत जज को बीआरएस डेंटल कालेज में नियुक्त किया जाए जिनकी देखरेख में कालेज चलाया जाए ताकि उनका भविष्य बच सके। एडवोकेट प्रधुमन गर्ग ने बताया कि याचिका में ज्ञान सागर मेडिकल कालेज व अस्पताल का और चिंतपूर्णी मेडिकल कालेज पठानकोट के मामलो की जजमेंट का हवाला भी दिया गया है जहाँ बीआरएस डेंटल कालेज जैसे हालत बन गए थे और हाईकोर्ट ने दोनों मेडिकल कॉलेजों के स्टूडेंट्स को प्रदेश के अन्य मेडिकल कॉलेजों में शिफ्ट किये जाए के आदेश दिए थे।

—PTCNews—