फिलहाल जेल से बाहर नहीं आएंगे ओपी चौटाला, फरलो रद्द होने पर दिया ये बड़ा बयान

OP Chautala
जींद उपचुनाव के लिए जेल से बाहर नहीं आ पाएंगे ओपी चौटाला, फरलो रद्द होने पर दिया ये बड़ा बयान

जींद। जेल से बाहर फरलो पर आने की तैयारी में बैठे ओपी चौटाला को उस समय बड़ा झटका लग गया जब उनकी फरलो रद्द कर दी गई। अब उनकी फरलो की तारीख 22 से बढ़ाकर 29 जनवरी कर दी गई। इससे पहले ओपी चौटाला ने दिल्ली सरकार के समक्ष फरलो के लिए एप्लीकेशन लगाई थी। लेकिन सरकार ने उसे रद्द कर दिया। फरलो रद्द होने के बाद ओपी चौटाला को सोमवार देर शाम लोक नारायण जय प्रकाश अस्पताल से तिहाड़ शिफ्ट कर दिया गया। अस्पताल से आने के बाद पत्रकारों से बातचीत में ओपी चौटाला ने बताया कि आप पार्टी वालों ने जेजेपी से मिलकर साजिश रची है, ताकि वो जींद में प्रचार ना कर सकें। वहीं परोल रद्द होने पर भावुक हुए ओमप्रकाश चौटाला ने कहा कि वो गद्दारों का समर्थन कभी नहीं करते। उन्होंने कहा कि वो इनेलो उम्मीदवार उमेद रेढू की मदद करेंगे।

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फरलो रद्द होने के बाद ओपी चौटाला पत्रकारों से बातचीत करते हुए

इस घटनाक्रम के बाद इेनेलो ने इसे साजिश बताया है और सीधे-सीधे इसके लिए दुष्यंत और दिग्विजय को जिम्मेदार ठहराया है। इनेलो नेता अशोक अरोड़ा ने दुष्यंत और दिग्विजय चौटाला निशाना साधते हुए कहा कि दोनों ने दादा की पीठ में छुरा घोंपा है। उधर दुष्यंत चौटाला ने भी साफ किया कि फरलो रद्द होने में उनका कोई हाथ नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा कर सकते हैं तो हम किसी को फरलो दिलवा भी सकते हैं।

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मामले पर पहली बार ओपी चौटाला की पत्नी स्नेहलता का बयान भी सामने आया

मामले पर ओपी चौटाला की पत्नी का भी सामने आया बयान

वहीं इस मामले पर पहली बार ओपी चौटाला की पत्नी स्नेहलता का बयान भी सामने आया है। गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती स्नेहलता ने कहा कि दुष्यंत-दिग्विजय जैसे बच्चे किसी के घर पैदा ना हो। उन्होंने आरोप लगया कि दुष्यंत और दिग्विजय उनके पति ओपी चौटाला को रैली में ही स्टेज से गिराना चाहते थे।

आपको बता दें कि 28 जनवरी को जींद में उपचुनाव के लिए वोटिंग होनी है। ओपी चौटाला अब किसी भी तरह से वोटिंग के पहले जेल से बाहर नहीं आ सकते। ऐसे में इनेलो के कार्यकर्ताओं में मायूसी छा गई है। इस घटनाक्रम को दूसरे नजरिए से भी देखा जा रहा है। बीते कल ही आम आदमी पार्टी ने जननायक जनता पार्ट के समर्थित उम्मीदवार को समर्थन दिया है और दिल्ली में भी आम आदमी पार्टी की ही सरकार है। इसलिए यह भी चर्चाएं चल रही हैं कि अरविंद केजरीवाल की सरकार ने जानबूझकर फरलो रद्द कर दी। इनेलो भी इसे आम आदमी पार्टी और जननायक जनता पार्टी की साजिश करार दे रही है।