दुष्यंत चौटाला बोले- SYL पानी बंटवारे में कांग्रेस हमेशा हरियाणा के खिलाफ

Dushyant Chautala said Congress always against Haryana in SYL issue

गुरुग्राम/चंडीगढ़। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटला ने सतलुज यमुना लिंक नहर (एसवाईएल) के मामले को लेकर कहा है कि हरियाणा के हिस्से का एसवाईएल का पूरा पानी प्रदेश को दिलवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट में पानी के बंटवारे को लेकर चल रहे मामले में फैसले का इंतजार कर रही है और जैसे ही सुप्रीम कोर्ट का फैसला आएगा, वैसे ही हरियाणा सरकार पंजाब से अपने हिस्से का पानी लेगी।

इस विषय पर एक सवाल के जबाव में दुष्यंत चौटाला ने कांग्रेस पार्टी को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आज से नहीं बल्कि शुरू से ही इस प्रयास में रही है कि हरियाणा में एसवाईएल का पानी ना लाया जाए। उन्होंने कहा कि इसका उदाहरण यह है कि कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने पंजाब में जाकर वहां हरियाणा के खिलाफ एंटी एसवाईएल घोषणा पत्र लॉन्च करवाया। वे वीरवार को गुरुग्राम दौरे के दौरान पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे।

Dushyant Chautala said Congress always against Haryana in SYL issue

वहीं रजिस्ट्रियों के मामले में उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि गुरुग्राम में जांच के लिए गुरुग्राम कमिश्नर की जिम्मेदारी लगाई हुई है और राजस्व विभाग इस मामले को मॉनिटर कर रहा है। उन्होंने कहा कि तहसीलदार या टाउन कंट्री प्लानिंग विभाग का तहसील में बैठने वाला तहसीलदार, टैक्स की एनओसी के लिए अर्बन लोकल बॉडी और बिजली विभाग तमाम जगहों पर जहां भी कहीं कोई खामियां रही होगी उसकी जांच की जा रही है। दुष्यंत चौटाला ने कड़े शब्दों में स्पष्ट किया कि इसमें चाहे संबंधित विभागों का कोई भी अधिकारी संलीप्त पाया गया, जिसकी वजह से अगर गलत तरीके से रजिस्ट्री हुई तो उसे किसी सूरत मे बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि इतना ही नहीं ऐसे लोगों को मात्र सस्पेंड करने तक सीमित नहीं रखा जाएगा बल्कि उस पर अपराधिक मामला दर्ज करने के साथ-साथ विजिलेंस जांच तक बैठाई जाएगी।

Dushyant Chautala said Congress always against Haryana in SYL issue

दुष्यंत चौटाला ने कहा कि 2017 में हरियाणा टाउन एंड कंट्री प्लानिंग एक्ट में दो कनाल तक कृषि की जमीन दिखाकर 7 ए में आने वाले क्षेत्रों में परमिट किया जाता था लेकिन इसके लिए पिछले दिनों प्रदेश सरकार ने एक बैठक कर यह निर्णय लिया है कि एक अध्यादेश लाया जाए ताकि इसका कोई नजायज फायदा न उठा सके। वहीं एक अन्य सवाल के जबाव में दुष्यंत चौटला ने कहा कि अगर सरकार ऐसे मामलों मे तुरंत एक्शन न लें या गड़बड़ी करने वालों को छुपाये तो उसे घोटाला कहते है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पारदर्शिता के साथ कार्य कर रही हैं और शिकायत मिलते ही तुरंत कार्रवाई करती है।

दुष्यंत चौटाला ने कहा कि मिलों में धान की कमी मिलने पर सरकार ने तुरंत फिजिकल वेरिफिकेशन करवाकर जुर्माना लगाते हुए कार्रवाई करने का काम किया है। इसी तरह शराब चोरी के मामले भी कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाने से न कभी पीछे हटी और न ही कभी देरी की। उन्होंने कहा कि विपक्षी नेताओं ने लॉकडाउन में जनता का सहयोग करने की बजाय ऐसे-ऐसे भ्रम फैलाने का कार्य किया है।

—PTC NEWS—