हरियाणा

सोनिया-राहुल से पूछताछ के बाद ईडी की बड़ी कार्रवाई, National Herald के दर्जनों कार्यालयों पर की छापेमारी

By Vinod Kumar -- August 02, 2022 2:05 pm -- Updated:August 02, 2022 2:09 pm

National Herald Case में ईडी ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने नेशनल हेराल्ड केस में दिल्ली, मुंबई और कोलकाता समेत 12 जगहों पर छापेमारी की है। नेशनल हेराल्ड केस में ईडी सोनिया और राहुल गांझी से पूछताछ कर रही है। दोनों से पूछताछ के बाद ही ईडी ने ये कार्रवाई की है। इस दौरान दस जनपथ पर भी कुछ दस्तावेजों की भी तलाशी ली गई है।

नेशनल हेराल्ड केस में ईडी सोनिया और राहुल गांधी से कई राउंड में पूछताछ कर चुकी है। ईडी की इस कार्रवाई के खिलाफ कांग्रेस ने देशभर में सत्याग्रह शुरू किया है। नेशनल हेराल्ड के कार्यालयों में की गई छापेमारी को कांग्रेस ने राजनैतिक करार दिया है। कांग्रेस ने कहा कि ये राजनैतिक बदले के अलावा कुछ भी नहीं है।

सूत्रो से मिली जानकारी के अनुसार ED ने एकाउंट सेक्शन के दो पुराने अधिकारियो से भी पूछताछ की है। पूछताछ में ईडी ने दोनों अधिकारियों से हेराल्ड हाऊस में साल 2010 से 2015 तक के खातों के बारे में जानकारी ली है।

ED-raids-Herald-house,-12-other-locations-3

नेशनल हेराल्ड अखबार आजादी से पहले पंडित जवाहर लाल नेहरू ने साल 1938 में शुरू किया था। 5 हजार स्वतंत्रता सेनानी इसमे शेयरधारक थे। इसके संचालन के लिए पंडित जवाहर लाल नेहरू ने एसोसिएट जर्नल लिमिटेड (AJL) नाम से एक कंपनी बनाई। तब इस कंपनी पर किसी एक व्यक्ति का स्वामित्व नहीं था। ये कंपनी नेशनल हेराल्ड के अलावा दो और अखबार छापती थी, जिनके नाम हिंदी में नवजीवन और उर्दू में कौमी आवाज थे।

कंपनी धीरे-धीरे घाटे में चली गई। कंपनी पर 90 करोड़ का कर्ज हो गया। 2008 में कंपनी ने बताया कि वो बैंक करप्ट हो गई और लोन नहीं चुका सकती। 2011 में सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने यंग इंडिया लिमिटेड कंपनी बनाई, जिसके 76 प्रतिशत शेयर सोनिया गांधी और राहुल गांधी के पास और बाकी के मोतीलाल बोरा और ऑस्कर फर्नांडिस के पास थे।

ED-raids-Herald-house,-12-other-locations-2

2010 में ही यंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने महज 50 लाख रुपये देकर सभी संपत्तियों सहित एजेएल कंपनी का स्वामित्व अपने नाम कर लिया। तब इसकी संपत्तियों की अनुमानित कीमत 2000 करोड़ रुपये से ज्यादा आंकी गई है। इस दौरान किसी भी किसी शेयरधारक को सूचित नहीं किया गया। सुब्रमण्यम स्वामी ने इस पूरे मामले का खुलासा किया था।

 

 

  • Share