हिमाचल

इस राज्य के सरकारी कर्मचारियों का बढ़ा वेतन, नए पे कमीशन से पेंशनभोगियों को भी मिलेगा फायदा

By Vinod Kumar -- November 28, 2021 10:39 am

शिमला: हिमाचल प्रदेश सरकार ने अपने कर्मचारियों के लिए छठे वेतन आयोग (6th Pay Commission) के तहत नए वेतनमान की घोषणा की है। इसके अलावा संविदा कर्मियों के अनुबंध पूरा होने की सीमा अवधि को भी 3 साल से घटाकर 2 साल कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ की संयुक्त सलाहकार समिति (जेसीसी) की बैठक को संबोधित करते हुए राज्य के कर्मचारियों को 1 जनवरी, 2016 से नया वेतनमान प्रदान करने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी पेंशनभोगियों और पारिवारिक पेंशनभोगियों को भी 1 जनवरी 2016 से संशोधित पेंशन और अन्य पेंशन लाभ दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि संशोधित वेतनमान और संशोधित पेंशन/पारिवारिक पेंशन पर महंगाई भत्ता प्रदान की जाएगा। उन्होंने कहा कि नए वेतनमान और संशोधित पेंशन से राज्यकोष पर सालाना 6000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यय करना पड़ेगा।

माना जा रहा है कि चार उपचुनाव में हार का मुंह देखने के बाद जयराम सरकार ने कर्मचारियों के वोट बैंक पर निशाना लगाया है। चुनावी साल में प्रवेश करने से पहले बीजेपी सरकार ने प्रदेश के सबसे बड़े वोट बैंक को लुभाने के लिए कई घोषणाएं की हैं। शिमला में कर्मचारियों के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधि संगठनों के साथ संयुक्त सलाहकार समिति की बैठक (Joint Consultative Committee meeting) में सीएम जयराम ठाकुर ने नए पे-कमीशन (New Pay Commission) के ऐलान सहित अनुबंध कर्मचारियों (contract employees) को नियमित करने की समय अवधि घटाने और करुणामूलक आधार पर नौकरियों में राहत दी है।

यदि हिमाचल के वोट बैंक का गणित समझें तो राज्य के कर्मचारी और पेंशनर्स को मिला दिया जाए तो यह 10 लाख से अधिक वोट बैंक है। कर्मचारी लंबे अर्से से अनुबंध सेवा काल की अवधि (contract service period) को तीन साल से घटाकर दो साल करने की मांग कर रहे थे। इसके अलावा नए वेतन आयोग का लाभ भी मांग रहे थे। यह मुख्य मांगें थी जिन्हें सरकार ने स्वीकार कर लिया है।

मीटिंग में सरकार की तरफ से घोषणा की गई कि कर्मचारियों को केंद्र सरकार के 5 मई, 2009 के कार्यालय ज्ञापन के अनुसार 15 मई, 2003 से नई पेंशन प्रणाली (इनवेलिड पेंशन और फैमिली पेंशन) का लाभ मिलेगा. इससे खजाने पर अतिरिक्त 250 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा। इस तरह सरकार ने साढ़े आठ हजार करोड़ के लाभ उक्त रूप में दिए हैं। अनुबंध सेवाकाल अवधि घटाने के अलावा अब हिमाचल में दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी (daily wage workers in himachal) अंशकालिक कामगारों (part time workers), जल रक्षकों और जलवाहकों (water guards and aerators) के संबंध में नियमितीकरण/दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी बनाने के लिए भी एक-एक वर्ष की अवधि कम की जाएगी।

कर्मचारियों के मेडिकल रिम्बर्समेंट बिल (Medical reimbursement bill of employees) के लिए 10 करोड़ रुपए जारी करने का ऐलान किया गया। साथ ही करूणामूलक आधार पर नियुक्ति के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक समिति गठित की जायेगी। प्रदेश सरकार राज्य के जनजातीय क्षेत्रों में कार्यरत दैनिक वेतन भोगी एवं अनुबंध कर्मचारियों को जनजातीय भत्ता देने पर भी विचार करेगी। एनपीएस कर्मचारियों को अब पेंशन निधि चुनने की स्वतंत्रता होगी। अब राज्य में 15 मई, 2003 से 22 सितम्बर, 2017 तक इस लाभ से वंचित एनपीएस कर्मचारियों को ग्रेच्युटी मिलेगी।

हिमाचल सरकार ने अपने चार साल के कार्यकाल में कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के डीए (DA of employees and pensioners) में 22 प्रतिशत की वृद्धि की है और उन्हें 1320 करोड़ रुपये का वित्तीय लाभ प्रदान किया गया है। इसके अतिरिक्त उन्हें 12 प्रतिशत अंतरिम राहत की दो किस्तें भी प्रदान की गई, जिससे कर्मचारियों को लगभग 740 करोड़ रुपये का लाभ हुआ है।

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