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हरियाणा

गैस चैंबर बनी दिल्ली, भारी डीजल वाहनों को बॉर्डर से लौटा रही दिल्ली पुलिस

By Vinod Kumar -- November 5th 2022 05:57 PM
गैस चैंबर बनी दिल्ली, भारी डीजल वाहनों को बॉर्डर से लौटा रही दिल्ली पुलिस

बहादुरगढ़/प्रदीप धनखड़: दिल्ली एनसीआर की हवा जहरीली हो चुकी है। लोगों को सांस लेने में तकलीफ महसूस हो रही है। एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 500 के पार पहुंच चुका है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के मुताबिक, आज (शनिवार) सुबह 7 बजे दिल्ली से सटे गुरुग्राम में एयर क्वालिटी इंडेक्स 478 और नोएडा में 529 स्तर पर पहुंच गया है। बहादुरगढ़ का वायु गुणवत्ता सूचकांक 410 पर पहुंच चुका है। 

राजधानी दिल्ली में लोगों का बाहर के अलावा अंदर भी इन जहरीली हवा के कारण दम घुट रहा है। सिरदर्द, चक्कर, सांस लेने में कठिनाई, आंखों में जलन, आंखों से पानी आने जैसी समस्याएं हो रही हैं। उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि वह प्रदूषण से बचने के लिए क्या उपाय करें। आईआईटीएम के अनुसार 5 नवंबर को हवाओं की गति बढ़ सकती है। इसकी वजह से स्थिति में कुछ सुधार होगा। इसके बाद 6 और 7 नवंबर को स्थिति में और सुधार होगा और यह बेहद खराब स्तर पर ही रहेगा।

ऐसे में एनजीटी का सख्त प्रतिबंध भी राजधानी दिल्ली की सीमाओं पर लागू हो चुका है, इसके तहत टिकरी बॉर्डर पर पुलिस डीजल वाहनों को दिल्ली में प्रवेश करने नहीं दे रही है। उन्हें यू टर्न दिलवाया जा रहा है। 

भारी डीजल वाहनों की एंट्री पर वैन लगने के बाद 24 घंटे में दिल्ली पुलिस करीब ढाई सौ वाहनों को टिकरी बॉर्डर से वापस भेज चुकी है। दिल्ली में प्रतिबंधित वाहनों के घुसने पर उन पर 42 हजार रुपये प्रति वाहन के हिसाब से जुर्माना भी लगाया जा रहा है। दिल्ली में एंट्री बैन होने और चालान की वजह से व्यवसायिक वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

बढ़ते एयर पॉल्यूशन को रोकने के लिए एनजीटी की तरफ से जारी आदेशों की अनुपालना करते हुए दिल्ली पुलिस व्यवसायिक डीजल वाहनों को दिल्ली में एंट्री करने से रोक रही है।  वाहन चालकों का कहना है कि वह दूरदराज से सामान लेकर राजधानी दिल्ली पहुंचे हैं। ऐसे में उन्हें अंदर नहीं जाने दिया जा रहा और यह भी नहीं बताया जा रहा है कि कानून कब तक लागू रहेगा। ऐसे में वह आखिर कब तक अपने सामान की डिलीवरी नहीं देंगे और कब तक उन्हें अपने वाहन सड़कों पर ही खड़े रखने पड़ेंगे।

इतना ही नहीं एनजीटी के आदेश अनुसार कंस्ट्रक्शन पर भी पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया गया है। बहादुरगढ़ से दिल्ली में रोजाना हजारों टन रेती, रोड़ी, क्रेशर और भारी मात्रा में ईटों की सप्लाई होती है, लेकिन दिल्ली में भवन निर्माण कार्य प्रतिबंधित है, जिसके चलते ट्रैक्टर में निर्माण सामग्री ले जाने वाले चालकों को भी वापस यूटर्न दिलवाया जा रहा है और किसी भी व्यवसायिक डीजल वाहन को अंदर जाने नहीं दिया जा रहा। 

टिकरी बॉर्डर पर तैनात दिल्ली पुलिस के जोनल ऑफिसर बलवान सिंह का कहना है कि उच्चाधिकारियों के आदेशानुसार वे व्यवसायिक डीजल वाहन चालकों को अंदर नहीं आने दे रहे हैं। निर्माण सामग्री लेकर कोई ट्रैक्टर ट्राली भी दिल्ली में नहीं घुसने दी जा रही। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ चालान भी किए जा रहे हैं। यह सब दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए किया जा रहा है।

 

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