फ़तेहाबाद। महिलाओं के खिलाफ अपराधों के आंकड़ों में कमी आने के बजाए लगातार बढ़ौतरी हो रही है। फतेहाबाद में वर्ष 2017 में औसतन चार शिकायतें प्रतिदिन महिला उत्पीड़न की मिलती थीं, वहीं वर्ष 2018 में यह आंकड़ा करीब करीब दोगुना हो गया है। जिला महिला हेल्पलाइन के आंकड़ों से इसकी पुष्टि हुई है। साल 2018 के आंकड़ों पर अगर नजर डालें तो जिले की रोजाना 6 महिलाएं किसी ना किसी कारण से प्रताड़ित होती हैं तथा महिला हैल्पलाइन पर शिकायत करने का मजबूर हैं।
महिलाओं के खिलाफ अपराधों में लगातार इजाफा
एक साल में दोगुनी हुई महिला उत्पीड़न की शिकायतें
वर्ष 2017 की तुलना में शिकायतें 2018 में दोगुनी
औसतन हर रोज 6 महिलाएं लेकर आ रही शिकायतें
इस पूरे मामले में चौंकाने वाली बात यह है कि अधिकतर मामलों में समझौता हो जाता है। बीते वर्ष के महिला हेल्पलाइन के आंकड़ों के अनुसार कुल 2290 महिलाओं ने फोन कर अपनी प्रताड़ना के बारे में बताया लेकिन पूरे साल में केवल 268 ही मामले दर्ज हुए। बाकी के मामलों में या तो समझौता हो गया या खुद पीड़िताओं ने ही लिखित में बयान दे दिए कि वह कोई कार्रवाई नहीं करवाना चाहती।
यह भी पढ़ें : सरपंच के घर जोरदार धमाका, पति की दीवार के नीचे दबने से मौतघरेलू हिंसा और दहेज प्रताड़ना के मामले ज्यादा
इन मामलों में अधिकतर घरेलू हिंसा और दहेज प्रताड़ना के हैं। महिला हेल्पलाइन पर आई कुल शिकायतों में अधिकर शिकायतें ऐसी है जिनमें पीड़िता या तो घरेलू कलह से प्रताड़ित है या फिर ससुराल के लोग दहेज के लिए प्रताड़ित करते हैं। इसके अलावा छेड़छाड़ व यौन उत्पीड़न के भी कई मामले सामने आए हैं।
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पुलिस अधिकारियों की मानें तो महिला हेल्पलाइन पर शिकायतों व दर्ज मुकदमों की संख्या बढ़ने के पीछे कारण महिलाओं में इसको लेकर आई जागरूकता है।
डीएसपी फतेहाबाद जगदीश काजला के मुताबिक पहले अधिकतर मामले तो पुलिस तक पहुंच ही नहीं पाते थे, लेकिन महिलाओं के खिलाफ अपराधों के मुकदमे बढ़े हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई का आंकड़ा भी बढ़ा है। पुलिस विभाग पूरी तरह इसके लिए गंभीर है।
साल 2018 में महिला हेल्पलाइन पर किस महीने में दर्ज हुए कितने केस