राजनीति

जुब्बल कोटखाई मेरे लिये गृहक्षेत्र से भी बढकर, आज तक हर मांग हुई पूरी: CM जयराम

By Poonam Mehta -- October 22, 2021 6:48 pm -- Updated:October 22, 2021 6:48 pm

जुब्बल/कोटखाई: हिमाचल प्रदेश में होने वाले उपचुनाव को लेकर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर लगातार दौरे कर रहे हैं। इसी कड़ी में जयराम ठाकुर ने आज रामपुर सहित जुब्बल कोटखाई क्षेत्र का भी दौरा किया। दौरे के दौरान उन्होंने बीजेपी प्रत्याशी नीलम सरैइक के लिए आयोजित जनसभा को संबोधित किया।

अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि जुब्बल कोटखाई मुझे सराज विधानसभा से अलग नहीं लगता। सराज और जुब्बल कोटखाई की भाषा, मुश्किलें, मौसम सब एक जैसा है। भले ही मैं चुनाव सराज विधानसभा से लड़ता हूं, लेकिन जब विकास की बात आई तो मैंने जुब्बल कोटखाई को अपने गृहक्षेत्र से भी ज्यादा दिया है।

जयराम ठाकुर ने मंच पर विराजमान लोगों के बारे में बोलते हुए कहा कि आज प्रथम पंक्ति में जो भी लोग बैठे हैं, उनमें से किसी की भी राजनीतिक पृष्ठ भूमि नहीं है। सभी पार्टी का झंडा उठाते-उठाते यहां पहुंचे और मैं भी इसी का एक उदाहरण हूं।

वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस में एक ही परिवार के तीन लोग पार्टी चला रहे हैं। जोकि कांग्रेस के नाश का कारण है। बीजेपी कार्यकर्ताओं की पार्टी है। पार्टी सबसे बड़ी है। हम पार्टी से बड़े नहीं है।

उन्होंने कहा कि मुझे विधानसभा के भीतर भारतीय जनता पार्टी का साथी चाहिए। भावनाओं में ना जाकर हकीकत देखनी चाहिए। बीजेपी ने सैद्धांतिक रूप से निर्णय लेने की शुरुआत की। यह निर्णय सिर्फ जुब्बल कोटखाई के लिए नहीं हुआ है। पूरे देश में जहां भी उपचुनाव हो रहे हैं, वहां पूर्व जनप्रतिनिधि के पारिवारिक सदस्यों को टिकट नहीं दिया गया है।


मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने जो फैसला लिया था, मैं आश्वस्त था कि उस फैसले का सम्मान होगा। लेकिन फैसले का सम्मान नहीं किया गया, जिससे मैं और स्वर्गीय नरेंद्र बरागटा व्यक्तिगत रूप से भी आहत हुए है। क्योंकि उन्होंने हमेशा भारतीय जनता पार्टी का झंडा उठाया। बीजेपी के पूर्व विधायक स्वर्गीय नरेंद्र बरागटा को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वो पार्टी के सीनियर नेता थे। जुब्बल कोटखाई और बागवानों के लिए हमेशा संघर्षरत रहते थे।

सीएम ने कहा, मैंने जुब्बल कोटखाई को सहयोग देने में कोई कमी नहीं रखी। अब मुझे भरोसा है कि आप नीलम सरैइक को सहयोग देंगे। एक विधानसभा में दो एसडीएम दफ्तर हिमाचल के लिए इतिहास है। उन्होंने कहा कि जो कुछ भी मांगा मैंने एक-एक मांग पूरी की। आप नीलम सरैइक को जिताकर यहां दिवाली का जश्न मनाएं।

-PTC NEWS

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