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Haryana: CM नायब सिंह ने इंडी गठबंधन पर साधा निशाना, कहा- ये गठबंधन, जनबंधन नहीं, ठगबंधन है

Written by  Rahul Rana -- April 02nd 2024 11:43 AM
Haryana: CM नायब सिंह ने इंडी गठबंधन पर साधा निशाना, कहा- ये गठबंधन, जनबंधन नहीं, ठगबंधन है

Haryana: CM नायब सिंह ने इंडी गठबंधन पर साधा निशाना, कहा- ये गठबंधन, जनबंधन नहीं, ठगबंधन है

ब्यूरो: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह ने इंडी गठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा कि ये गठबंधन, जनबंधन नहीं, ठगबंधन है। ये जो घमंडिया गठबंधन है, इस टोली को देखिये तो पता चलेगा कि जो भ्रष्टाचारी हैं, जो भ्रष्टाचार के मामले में या तो जेल में हैं या बेल पर हैं, वे ‘भ्रष्टाचार बचाओ' रैली निकाल रहे हैं। 

मुख्यमंत्री चंडीगढ़ में एक प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने एक दिन पहले दिल्ली में रामलीला मैदान में इंडी गठबंधन द्वारा आयोजित रैली पर तंज कसते हुए कहा कि सभी घमंडिया गठबंधन के लोग रामलीला मैदान में अपने आप को बचाने के लिए इकट्ठे हुए हैं, उनकी लड़ाई देश के अंदर कोई विजन की नहीं है, न ही विकास की है। उनकी लड़ाई है भ्रष्टाचारियों को कैसे बचाया जाए। 


उन्होंने कहा कि रामलीला मैदान में भ्रष्टाचार के भाईचारा का डेली सोप देखने को मिला। हमने देखा कि भ्रष्टाचारी किस घमंड से अपने भ्रष्टाचार को जस्टिफाई कर रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी कहते हैं कि 'भ्रष्टाचार हटाओ', मगर इंडी गठबंधन के नेता कहते हैं कि 'भ्रष्टाचारी को बचाओ'।

नायब सिंह ने कहा कि इंडी गठबंधन के नेता प्रधानमंत्री मोदी जी पर चाहे कितने भी हमले कर लें, प्रधानमंत्री मोदी रुकने वाले नहीं है। प्रधानमंत्री मोदी जी के लिए देश की 140 करोड़ जनता उनका परिवार है, और मोदी जी अपने परिवार को भ्रष्टाचारियों से बचाने की लड़ाई लड़ रहें हैं। जिसने देश को लूटा है, उसे लौटाना ही पड़ेगा, ये मोदी की गारंटी है।

उन्होंने कहा कि इंडी गठबंधन, ये घोटालेबाजों की बारात है जहां सब देश को लूटना चाहते हैं और यह भी चाहते हैं कि उसके भ्रष्टाचार पर चर्चा न हो। घोटाला अपना हर रोज बड़े चाव से करते हैं वो और ये भी चाहते हैं कि कोई एक्शन भी न हो, ये गठबंधन, जनबंधन नहीं, ठगबंधन है। 

मुख्यमंत्री नायब सिंह ने कहा कि गठबंधन है कहाँ, ये जरा देखिए, आम आदमी पार्टी कहती है कि केजरीवाल की गिरफ्तारी के समर्थन में रैली हो रही है। कांग्रेस कहती है कि यह किसी विशेष व्यक्ति के समर्थन में नहीं बल्कि पूरे गठबंधन की रैली है। कांग्रेस-आम आदमी पार्टी दिल्ली में दोनों आपस में मिले हुए हैं, लेकिन पंजाब में ‘हम आपके हैं कौन’ हो रहा है। इस प्रकार का  इंडी गठबंधन में देश को देखने को मिल रहा है। 

उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में ममता ने साथ में लड़ने से इनकार कर दिया। बिहार में आरजेडी ने अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए। कर्नाटक में उद्धव ठाकरे ने भी अपने उम्मीदवार पहले घोषित कर दिए। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी छोड़ कर सांसद और विधायक जा रहे हैं। अभी पिछले दिनों देखा कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को कोई भाव नहीं दे रहा है। इस घमंडिया के काम हैं, जितना हो सके लूटो, हर दिन नया झूठ बोलो, मोदी जी को गाली दो, देश को बदनाम करो, हिंदू धर्म को गाली दो, जम के घोटाले करो, जांच एजेंसियां जब नोटिस दें तो इग्नोर करो, कार्रवाई हो तो कोर्ट पहुँचो, कोर्ट भी फटकार लगाए तो विक्टिम कार्ड खेलो, देश के लोकतंत्र पर खतरा बताओ, जनता को गुमराह करो, सारे चोर इकट्ठे हो जाओ, जोर-जोर से बोलो, छाती पीट-पीट कर बोलो कि ‘भ्रष्टाचारों को बचाओ’। ये इंडी गठबंधन के नेताओं के काम हैं।

नायब सिंह ने कहा कि इंडी गठबंधन के नेता संदेशखाली पर चुप रहते हैं, कोई नहीं बोलता कि वहां पर क्या क्या अत्याचार महिलाओँ पर हुए हैं। इनके नेता देश तोड़ने की बात करते हैं लेकिन उस पर एक्शन के बजाय लोक सभा का टिकट देते हैं। ये देश की शक्ति का अपमान करते हैं लेकिन सब चुप रहते हैं। ये शाहजहां शेख जैसे अपराधी पर चुप रहते हैं। ये उदयनिधि स्टालिन के सनातन विरोधी बयान पर चुप रहते हैं। ये रामचरितमानस के अपमान पर चुप रहते हैं। ये अपने घोटाले पर चुप रहते हैं लेकिन सजा पर सवाल उठाते हैं। ये हिंदू देवी-देवताओं के अपमान पर चुप रहते हैं। ये झूठे आरोप लगाते हैं लेकिन बाद में माफी मांगते हैं। पंजाब में जेल पर हमला होता है, लेकिन ये सभी घमंडिया गठबंधन के लोग चुप रहते हैं।

उन्होंने कहा कि इनके चेहरे देखिये, हर एक चेहरे पर घोटाले और भ्रष्टाचार का काला धब्बा है। पूरा देश देख रहा है, सत्येंद्र जैन को जमानत कोर्ट नहीं दे रहा है। मनीष सिसोदिया को जमानत कोर्ट नहीं दे रहा। संजय सिंह को जमानत कोर्ट नहीं दे रहा। अरविंद केजरीवाल कोर्ट के आदेश पर रिमांड में हैं। हेमंत सोरेन को जमानत कोर्ट नहीं दे रहा है। इनकम टैक्स की रिकवरी को दिल्ली हाईकोर्ट सही ठहरा रही है। शाहजहाँ शेख पर कोर्ट ने एक्शन लिया है। लालू यादव पर कोर्ट से मामला तय हो रहा है, तो क्या इंडी ठगबंधन कोर्ट के खिलाफ ये रैली कर रहा है। 

मुख्यमंत्री नायब सिंह ने कहा कि आज कल देश में विपक्षी पार्टियों द्वारा भ्रष्टाचार को मैडल की तरह पेश करने का फैशन चल पड़ा है। उनका भ्रष्टाचार ही उनका शिष्टाचार बन गया है। मामला कोर्ट में हो, तब भी इन सबको चिल्लाना है। कोर्ट में दलीलें काम नहीं आती तो बाहर हल्ला मचाते हैं। रैली में कौन कौन थे, वो पूरे देश ने देखा है। कांग्रेस, आकाश से लेकर पाताल तक और आजादी से लेकर आज तक जिस पर घोटाले ही घोटाले के आरोप हैं। इसका शीर्ष नेतृत्व 5000 करोड़ रुपये के घोटाले में जेल से बेल पर चल रहा है। जीप घोटाले से लेकर हेलिकॉप्टर घोटाले तक और देश के लोकतंत्र को बदनाम करने से लेकर चीन की सत्तारूढ़ पार्टी से एमओयू साइन करने तक, इन पर आरोप लगे हुए हैं और ये कि ये गर्व से इसे बताते नहीं थकते। 

आम आदमी पार्टी, जिस पार्टी के नेता खुलेआम कहा करते थे, मंचों से बोलते थे कि मेरे ऊपर आरोप भी लगे तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा, वे भ्रष्टाचार करने के बावजूद कुर्सी छोड़ने को तैयार नहीं हैं। जिस पार्टी के नेता कहते थे कि मैं कट्टर ईमानदार हूँ, वे कट्टर बेईमान तो बन ही गए, साथ ही कट्टर भ्रष्टाचारियों और कट्टर घोटालेबाजों के साथ जाकर खड़े हो गए। जिस पार्टी के नेता कहते थे कि मैं तो आम आदमी हूँ, वो आज कोर्ट में कह रहे हैं कि मुझे रिमांड में क्यों लिया, मैं तो मुख्यमंत्री हूँ। जिस पार्टी के नेता कहते थे कि हम गाड़ी, बंगले नहीं लेंगे, वे काफिला लेकर घूम रहे हैं। शीश महल का घोटाला कर रहे हैं। जिस पार्टी के नेता अपने बच्चों की सौगंध खाकर कहते थे कि कांग्रेस से समर्थन नहीं लूंगा, आज कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं। जिस पार्टी के नेता शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और पानी पर काम करने की बात करते नहीं थकते, आज वे शिक्षा में, हेल्थ में, बिजली में और पानी में भी घोटाला कर रहे हैं। 

इतना ही नहीं, आरजेडी का देखें तो चारा घोटाले से लेकर लैंड फॉर जॉब घोटाले तक सर से पांव तक घोटाले में डूबा हुआ है। 
अपनी बेटी का नाम मीसा रखकर कांग्रेस का खात्मा करने की बात कहने वाले लालू प्रसाद यादव आज कांग्रेस की ही गोद में जाकर बैठ गए हैं। बिहार पर वर्षों तक राज करने वाली राजद ने इस प्रदेश को बीमारू राज्य की श्रेणी में लाकर खड़ा करने का काम किया है। राजद के शासन में बिहार के लोगों सिर्फ घोटाले और भ्रष्टाचार देखा है। चारा घोटाले में लालू प्रसाद यादव दोषी हैं ही, लेकिन लैंड फॉर जॉब घोटाले में भी उनके बेटे पर भी प्रवर्तन निदेशालय की जांच चल रही है। इंडी गठबंधन में शामिल होकर लालू का लक्ष्य मात्र अपने परिवार को सत्ता तक पहुंचाना है। परिवारवाद में तो लालू प्रसाद यादव ने सभी सीमाएं ध्वस्त कर दी हैं। पहले खुद, फिर अपनी पत्नी को मुख्यमंत्री बनाया। उसके बाद बड़े बेटे को मंत्री बनाया और अब छोटे बेटे को मुख्यमंत्री बनाने की फिराक में हैं। 
 
इस इंडी गठबंधन में सपा की तरफ देखें तो सब जानते हैं कि इन्होंने कितना भ्रष्टाचार किया है। भ्रष्टाचार तो पूरा देश जानता ही है लेकिन इनके परिवारवाद से भी उत्तर प्रदेश की जनता पीड़ित रही है। जो पार्टी कभी कांग्रेस को देश की सबसे भ्रष्टाचारी पार्टी कहा करती थी, आज उन्हीं की साथी बनी हुई है। सनातन धर्म और रामचरितमानस पर आपत्तिजनक बयान देने के बावजूद सपा अध्यक्ष ने स्वामी प्रसाद मौर्य पर कोई कार्रवाई नहीं की। अपने नाम में समाजवादी लेकर चलने वाली इस पार्टी के शीर्ष नेता को समाज और जनता नहीं सिर्फ अपने परिवार की चिंता है। रामलीला मैदान में बैठकर तथाकथित तानाशाही हटाओ का नारा लगाने वाले अखिलेश यादव को याद रखना चाहिए कि उनके पिता मुलायम सिंह यादव जी ने रामभक्तों और कारसेवकों पर गोलियां चलवाने का कार्य किया था। 

मुख्यमंत्री नायब सिंह ने कहा कि यदि झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) की बात करें, जो इंडी गठबंधन में हैं, तो जिसकी बुनियाद ही भ्रष्टाचार पर टिकी हो, वो भला इन भ्रष्टाचारियों की रैली में कैसे नहीं शामिल होगा। भ्रष्टाचार के मामले में कोर्ट हेमंत सोरेन को जमानत नहीं दे रहा। हेमंत सोरेन अवैध खनन कर गरीब आदिवासियों के पर 1000 करोड़ रुपए गबन करने के आरोपी हैं। हेमंत सोरेन ही नहीं, आदिवासियों के हक का पैसा खाने में उनके करीबी पंकज मिश्रा और अमित अग्रवाल सहित जेएमएम के कई शीर्ष नेता भी शामिल हैं। खुद को आदिवासियों का नेता कहने वाले हेमंत सोरेन पर 8.5 एकड़ जमीन पर अवैध कब्जा करने का आरोप है। एक तरफ तो जेएमएम आदिवासियों की आवाज बनने का स्वांग रचती है, दूसरी तरफ इनके ही नेता हेमंत सोरेन के घर से 36 लाख रुपए नगद और लग्जरी गाड़ियां बरामद होती हैं। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री ने पद पर रहते हुए उद्योग विभाग के प्रमुख थे और उसी समय उनकी पत्नी कल्पना सोरेन को बरहे औद्योगिक पार्क में 11 एकड़ भूमि आवंटित करने का भी आरोप है। 

इंडी गठबंधन में डीएमके की बात करें तो 2जी घोटाले से लेकर सेंथिल बालाजी और बाकी नेताओं का घोटाला तो देश देख रहा है। ये पार्टी घोटालेबाज तो है ही लेकिन साथ ही इनके नेता बड़ी निर्लज्जता से देश में अलगाव और भारत के टुकड़े करने की बात करते हैं एवं सनातन धर्म का अपमान करते हैं। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के बेटे उदयनिधि स्टालिन खुलेआम सनातन धर्म के समूल नाश करने की बात कहते हैं। इसके अलावा, इनके सांसद थिरू ए राजा हिंदू विरोधी पेरियार के रास्ते पर चलने और तमिलनाडु को अलग देश बनाने की वकालत करते हैं। डीएमके के प्रवक्ता ने कहा था कि उत्तर प्रदेश एवं बिहार के लोग शिक्षा की कमी और कम बौद्धिक और तर्कसंगत क्षमताओं के कारण सनातन धर्म का पालन करते हैं। डीएमके सांसद सेंथिल कुमार ने उत्तर भारतीय राज्यों को गौमूत्र राज्य कहकर अपमानित किया था। परिवारवादी पार्टियों के गठबंधन में डीएमके भी एक नाम है जहां एमके स्टालिन का एकमात्र लक्ष्य अपने बेटे उदयनिधि स्टालिन को सत्ता तक पहुंचाना है, इन्हें आम लोगों से कोई मतलब नहीं है। 

मुख्यमंत्री नायब सिंह ने कहा कि इंडी गठबंधन का हिस्सा तृणमूल कांग्रेस है। ये तो टोलाबाजी, कटमनी और हफ्ता वसूली का अड्डा है। भतीजे पर तो पहले ही भ्रष्टाचार के मामले हैं। ममता सरकार के मंत्री भ्रष्टाचार में आकंठ डूबे हुए हैं, लेकिन फिर टीएमसी खुद को पाक-साफ बताती है। बंगाल के संदेशखाली में दलित महिलाओं पर वर्षों से हो रहे अत्याचार पर महिला मुख्यमंत्री की चुप्पी, उनकी मौन स्वीकृति थी। ममता सरकार के नेताओं ने शिक्षक भर्ती घोटाले से लेकर राशन घोटाले को अंजाम दिया है। 
तथाकथित तानाशाही हटाओ का नारा देने वाली टीएमसी ने संदेशखाली से एक न्यूज रिपोर्टर को गिरफ्तार किया, इससे बड़ी तानाशाही और क्या हो सकती है। ममता सरकार ने अपने वोटबैंक के लिए, तुष्टीकरण की राजनीति को हवा दी और राज्य के हिंदुओं को दबाने का प्रयास किया। इतना ही नहीं, रोहिंग्याओं के पक्के समर्थक, सीएए कानून का विरोध करने में लगे हैं और अपने राज्य में सीएए न लागू होने देने की बात कहकर संविधान के विरुद्ध जाने की हिमाकत कर रहे हैं।

नायब सिंह ने कहा कि वामपंथी पार्टियां, केरल की कम्युनिस्ट सरकार ने सोने की तस्करी से लेकर एआई कैमरा का घोटाला किया है। वामपंथी दलों के नेता धार्मिक संस्थानों की पवित्रता और लोकतंत्र के सिद्धांतों को कमजोर करने का प्रयास करते हैं। विजयन सरकार ने युवाओं को 20 लाख नौकरियां और छात्रों को लैपटॉप देने का झूठा वादा किया। शशि थरूर ने अपनी एक किताब में केरल की हिंदू नायर महिलाओं के लिए आपत्तिजनक टिप्पणी की है। वक्फ बोर्ड में भर्ती का अधिकार पीएससी को सौंपने वाला बिल वापस लेकर मुख्यमंत्री विजयन ने एक विशेष वर्ग के आगे घुटने टेक दिए। वामपंथी सरकारों में तुष्टिकरण के लिए कलात्मक स्वतंत्रता और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई से समझौता किया जाता है।

मुख्यमंत्री नायब सिंह ने इंडी गठबंधन पर तंज कसते हुए कहा कि कहा कि ये है भ्रष्टाचार का भाईचारा अब इनको लगता है भ्रष्टाचारी प्यारा, देख तेरे दुनिया की हालत, क्या हो गई भगवान्, कितना बदल गया इंसान! सब घमंडिया गठबंधन के लोग किस प्रकार से वहां पर इक्कठे हुए, जिस तरह शाहीन बाग़ में महिलाओं को आगे कर प्रदर्शन किया गया, उसी तरह अब आम आदमी पार्टी और झारखंड मुक्ति मोर्चा के मुखिया अपनी-अपनी धर्मपत्नियों को आगे कर रहे हैं। इन्हें अपने किसी भी कार्यकर्ता पर विश्वास नहीं है। 

नायब सिंह ने कहा कि आम आदमी पार्टी के जेल वाले मुख्यमंत्री कहा करते थे कि फर्स्ट रेजिग्नेशन, देन इन्वेस्टिगेशन। अब ये कहते हैं कि Forget resignation, we won't join investigation and we will celebrate corruption.

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