लाठीचार्ज को लेकर करनाल में हुई किसान पंचायत, लिए गए ये तीन फैसले

दूसरे फैसले के बारे में चढूनी ने बताया कि हरियाणा के सभी किसान संगठन इक्कठे होकर संयुक्त किसान मोर्चा के आगे अपनी बात रखेंगे। बार बार हम नहीं पिटेंगे। हम अपनी बात संयुक्त मोर्चा के सामने रखेंगे, अगर हमारी बात नहीं सुनी जाती तो हरियाणा के सभी किसान संगठन दोबारा एक मीटिंग करके फैसला लेंगे।
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तीसरा फैसला यह लिया गया कि जिस किसान की मौत हुई है उसके परिवार को 25 लाख का मुआवजा, बेटे को नौकरी और साथ ही घायल किसानों को 2- 2 लाख रुपए दिए जाएं।