आंदोलन को तेजी देने के लिए एकमंच पर आएंगी विपक्षी पार्टियां, जन संसद का होगा आयोजन

Centre Farmers Meeting: Amid farmers protest against farm laws 2020, 10th round of meeting between farmers and Centre has been postponed.

नई दिल्ली। किसानों के आंदोलन को और तेजी देने के लिए देश की सभी विपक्षी पार्टियां एक प्लेटफार्म पर एक साथ आएंगी। इसे लेकर किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि राजनीतिक पार्टियों की अहम भूमिका है। इसके लिए विपक्षी पार्टियों को एक मंच पर इकट्ठा करेंगे। जिसका नाम जन संसद रखा गया है। इसमें राजनीतिक पार्टियां तय करेंगी कि उनका इन कानूनों को लेकर क्या विचार है। सभी पार्टियां मिलकर विचार करेंगी।

Farmers Protest News
किसान आंदोलन को तेजी देने के लिए एकमंच पर आएंगी विपक्षी पार्टियां, जन संसद का होगा आयोजन

यह भी पढ़ें- प्राइवेसी पॉलिसी को लेकर व्हाट्सएप का अपडेट, अब 8 फरवरी को डिलीट नहीं होगा अकाउंट

उन्होंने कहा कि किसानों का आंदोलन अराजनीतिक है इसलिए अलग से विपक्षी पार्टियां एकमंच पर आकर कृषि कानूनों पर अपने विचार रखेंगी और सरकार पर अपना दबाव बनाएंगी।

Farmers Protest News
किसान आंदोलन को तेजी देने के लिए एकमंच पर आएंगी विपक्षी पार्टियां, जन संसद का होगा आयोजन

यह भी पढ़ें- डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला को अभय चौटाला ने बताया गद्दार

उन्होंने कहा कि 22 और 23 जनवरी को दिल्ली में जन संसद होगी जिसमें देश के विपक्षी दलों के सभी सांसद मौजूद रहेंगे। वहीं सभी पूर्व सांसद, सभी विधायक जो किसानों के साथ सहमति रखते हैं वह जन संसद में शिरकत करेंगे।

Farmers Protest News
किसान आंदोलन को तेजी देने के लिए एकमंच पर आएंगी विपक्षी पार्टियां, जन संसद का होगा आयोजन

चढूनी ने साफ किया कि सरकार पर दबाव डालने के लिए हम यह कदम उठाने जा रहे हैं। हमारा संयुक्त किसान मोर्चा का प्लेटफार्म गैर राजनीतिक है लेकिन अब हम राजनीतिक लोगों को आगे लाकर सरकार पर और दबाव डाल रहे हैं। आखिर इन लोगों की भी कोई जिम्मेदारी है।