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धर्म

Dhanteras 2022: धनतेरस पर करें ये उपाय, नहीं होगी धन की कमी...माता लक्ष्मी होती हैं प्रसन्न

By Vinod Kumar -- October 17th 2022 12:37 PM -- Updated: October 22nd 2022 10:04 AM

Dhanteras 2022: धनतेरस को धन त्रयोदशी के नाम से भी जाना जाता है। धनतेरस के दिन ही स्वास्थ्य के देवता भगवान धनवंतरी का जन्म हुआ था। ऐसे में धन तेरस पर धन के देवता कुबेर और औषधी के देवता धनवंतरी की भी पूजा की जाती है। माना जाता है कि कुबेर के पूजन से धन की प्राप्ति होती है तो वहीं धनवंतरी के पूजन से बिमारियों से छुटकारा मिलता है। इस बार धनतेरस का त्योहार 23 अक्तूबर को मनाया जाएगा।

धनतेरस के दिन घर की चौखट पर दीपक जरूर जलाने को जरूरी माना गया है। माना जाता है कि चौखट पर दीप जलाने से माता लक्ष्मी घर में प्रवेश करती हैं और आशीर्वाद देती है। अगर आपके घर में पूजा गृह है तो वहां भी दीपक जला सकते हैं। पूजा गृह में दीपक जलाने से घर के वास्तु दोष समाप्त हो जाते हैं।

पौराणिक कथाओं के मुताबिक धनतेरस के दिन विशेष स्थान पर दीप जलाने से आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। माना जाता है कि धनतेरस में शाम के समय पीपल के पेड़ के नीचे दीया जलाने से जीवन में धन की प्राप्ति होती है। पीपल के वृक्ष पर माता लक्ष्मी का वास माना जाता है।

धनतेरस के दिन कुबेर मंत्र का जाप करना चाहिए, ऐसा करने से धन के देवता कुबेर की कृपा आप पर हमेशा बनी रहेगी। कुबेर मंत्र- ऊँ यक्षाय कुबेराय वैश्रवै वणाय धन्य धन्याधिपतये धन धान्य समृद्धिमृ में देहित दापय स्वाहा। धनतेरस या दीपावली के पूजन में दिये में रूई की बत्ती की जगह लाल रंग का धागा डाल कर जलाएं। मां लक्ष्मी खुश होती हैंऔर धन-संपदा का आशीर्वाद प्रदान करती हैं।

दिवाली के दिन पूरे विधि-विधान से मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है। माना जाता है कि धनतेरस के दिन माता लक्ष्मी को बत्ताशे का भोग लगाना और भी लाभदायक होता है। इससे घर में सुख-समृद्धि आती है। मुसीबतों से घिरा हुआ महसूस कर रहे हैं तो धनतेरस के दिन मां लक्ष्मी की पूजा करें और उन्हें बत्ताशे का भोग जरूर लगाएं। इससे आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा।


डिस्कलेमर: इस लेख में दी गई जानकारी स्टीकता की गारंटी पीटीसी न्यूज नहीं देता है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/मान्यताओं/और र्म ग्रंथों से ये जानकारी जुटाई गई है। हमारा मकसद महज सूचना पहुंचाना है। इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं पाठक की ही होगी।

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