राजनीति

यशवंत सिन्हा होंगे विपक्ष के राष्ट्रपति उम्मीदवार, IAS से लेकर देश के वित्त और विदेश मंत्री का संभाल चुके हैं पद

By Vinod Kumar -- June 21, 2022 5:18 pm

विपक्ष ने राष्ट्रपति चुनाव को लेकर आज उम्मीदवार की घोषणा कर दी है। विपक्ष ने चंद्रशेखर और अटल सरकार में वित्त मंत्री रहे यशवंत सिन्हा के नाम पर मुहर लगाई है। विपक्ष की ओर राष्ट्रपति के नाम पर चर्चा के लिए आज एक बैठक बुलाई गई थी।

इस बैठक में 15 पार्टियों के नेता विचार विमर्श के लिए पहुंचे थे। जयराम रमेश, शरद पवार, डी राजा, प्रफुल्ल पटेल, सीताराम येचुरी, रामगोपाल यादव, मल्लिकार्जुन खड़गे, रणदीप सुरजेवाला, हसनैन मसूदी (नेशनल कॉन्फ्रेंस), ओवैसी की पार्टी के सांसद इम्तियाज जलील समेत कई नेता बैठक में पहुंचे थे।


इसके साथ ही टीआरएस, आम आदमी पार्टी और शिवसेना ने भी सिन्हा को समर्थन देने का ऐलान किया है। हालांकि ये तीनों पार्टियां बैठक में शामिल नहीं थी। वहीं, राष्ट्रपति का उम्मीदवार बनने से यशवंत सिन्हा ने टीएमसी नेता के तौर पर अपने पद से इस्तीफा दे दिया। यशवंत सिन्हा ने ट्वीट णें कहा था कि, जो सम्मान और प्रतिष्ठा उन्हें दी गई उसके लिए मैं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को शुक्रिया करता हूं।

कौन हैं यशवंत सिन्हा
6 नवंबर 1937 को यशवंत सिन्हा का जन्म पटना में हुआ था। यहीं उनकी पढ़ाई लिखाई हुई। 1958 में पॉलिटिक्ल साइंस में मास्टर डिग्री लेने के बाद पटना विश्वविद्यालय शिक्षक के रूप में सेवाएं दीं। 1960 में उनका चयन भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में हो गया। प्रशासनिक सेवा के दौरान उन्होंने बिहार सरकार के वित्त मंत्रालय में दो साल तक सचिव और उप-सचिव के तौर पर काम किया। भारत सरकार के वाणिज्य मंत्रालय के उप-सचिव पद पर भी काम किया। 1971 से 1974 तक यशवंत सिन्हा जर्मनी में भारतीय दूतावास के पहले सचिव नियुक्त हुए थे।

24 साल तक प्रशासनिक अधिकारी के तौर पर काम करने के बाद उन्होंने 1984 में राजनीतिक में प्रवेश किया। 1986 में जनता पार्टी में शामिल हुए। पार्टी उन्हें आखिल भारतीय महासचिव का पदभार दिया। 1988 में राज्यसभा सदस्य चुने गए। इसके अलावा 1990 से 1991 तक चंद्रशेखर सरकार में वित्त मंत्री रहे। बीजेपी की टिकट पर 1998, 1999 के साथ 2009 में झारखंड के हजारीबाग लोकसभा सीट से चुनाव जीते। मार्च 1998 से मई 2002 तक अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में वित्त मंत्री रहे। इसके अलावा वो विदेश का कार्यभार भी देख चुके हैं।

अटल सरकार में इतने बड़े मंत्री रहने के बाद भी उन्हें 2004 में हुए लोकसभा चुनाव में हजारीबाग सीट से हार का मुंह देखना पड़ा। 2018 में बीजेपी के साथ मतभेद के बाद उन्होंने बीजेपी के साथ सालों पुराना रिश्ता खत्म कर 2021 में TMC का दामन थामा था।

बता दें कि राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान 18 जुलाई को होगा। 21 को मतगणना की जाएगी। मौजूदा राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का कार्यकाल 24 जुलाई, 2022 को समाप्त हो रहा है।

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