गांव में कोरोना फैला तो खुली ग्रामीणों की आंखे, वैक्सीन लगाने के लिए विभाग से किया संपर्क

जींद। कुछ दिन पहले तक रूपगढ़ गांव कोरोना को नहीं मानता था। गांव में जब वैक्सीन लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम आई तो गांव वालों ने उन्हें बेरंग लौटा दिया था। एक बार नहीं बल्कि 8 बार ऐसा हुआ कि वैक्सीन लगाने वाली टीम गांव में पहुंचती रही और गांव के लोग विरोध करते रहे।

लेकिन कोरोना को ना मानने का रिजल्ट जब सामने आया तो गांव के लोगों की आंखे खुल गईं। कोरोना से हर रोज गांव में मौते होने लगी। जानकारी के अनुसार 20 दिनों में करीबन 16 मौते हुईं और काफी लोग कोरोना पॉजिटिव होने लगे। इसके बाद गांव के लोगों की सोच बदल गई और उन्होंने कोरोना को लेकर सावधानी बरतना शुरू किया।

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गांव के लोगों ने खुद स्वास्थ्य विभाग को गांव में आकर टीकाकरण करने को कहा। गांव में जब टीकाकरण करवाने वाले आए तो गांव के लोगों ने बढ़चढ़ कर भाग लिया। जब स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कोरोना के सेंपल लेने शुरू किए तो भी गांव के लोगों ने बड़ी रूचि दिखाई।

इतना ही नही गांव के लोग कोरोना की सावधानियों का भी ध्यान रखने लगे। खुद पूरे गांव को सेनेटाइज करने के लिए अलर्ट हुए। पूरे गांव में 12 ट्रेक्टर सेनेटाइज के लिए लगा दिए गए। पूरे गांव को सेनेटाइज किया जाने लगा। बता दें कि किसान आंदोलन के समर्थन के चलते 4500 की आबादी वाले जींद के रूपगढ़ गांव ने वैक्सीनेशन का पूर्ण रूप से बहिष्कार कर दिया था।