दीपेंद्र हुड्डा बोले- सरकार अपने घमंड में चूर लेकिन आवाज को कुचल नहीं सकती

By Arvind Kumar - August 25, 2021 11:08 am

झज्जर। पेपर लीक, किसान आंदोलन और विधानसभा के बाहर चौधरी भूपेंद्र सिंह हुड्डा के साथ दुर्व्यवहार को लेकर दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने सरकार को जमकर घेरा है। पेपर लीक मामले को लेकर दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि खट्टर सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि बेरोजगारी में प्रदेश नंबर वन है, और पेपर लीक की यह पहली घटना नहीं है बल्कि 26 ऐसे मामले हैं जहां पर पेपर लीक घटनाएं हुई हैं और यह सब कुछ संगठित तरीके से हो रहा है, इसलिए इस मामले की निष्पक्ष सीबीआई जांच होनी चाहिए और इसके साथ-साथ दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि एचएसएससी बोर्ड को भंग किया जाना चाहिए।


दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि उन्होंने संसद के मानसून सत्र में तीन मुद्दों पर बात उठानी चाही लेकिन सरकार ने तीनों ही मुद्दों पर चर्चा करने से मना कर दिया जिसमें की बेरोजगारी महंगाई और किसान आंदोलन के मुद्दे को उठाना था। उन्होंने कहा कि सरकार के पास मेजोरिटी है लेकिन विपक्ष को भी अपनी बात रखने का अधिकार देना चाहिए। दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि संसद सत्र में सरकार की पूरी तरीके से तानाशाही देखने को मिली।

यह भी पढ़ें- गृह मंत्री अनिल विज PGI में भी एक्टिव मोड में, निपटा रहे कार्यालय के कामकाज

यह भी पढ़ें- डेरा सच्चा सौदा के पूर्व मैनेजर की हत्या का मामला, CBI कोर्ट में चल रही सुनवाई पर हाईकोर्ट की रोक

चौधरी भूपेंद्र सिंह हुड्डा के साथ विधानसभा के बाहर हुए दुर्व्यवहार को लेकर दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि यह घटना सामाजिक और लोकतांत्रिक दृष्टि के साथ ठीक नहीं है यह बड़ी दुखद घटना है। उन्होंने कहा कि सरकार अपने घमंड में चूर होकर विपक्ष की गर्दन पर को कोहनी तो रख सकती है मगर किसान मजदूर की आवाज को कुचल नहीं सकती।

गौरतलब है कि राज्यसभा सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा मंगलवार को अपने बादली विधानसभा के कई गांवों के दौरे पर थे। जहां पर पीटीसी न्यूज़ के साथ उन्होंने तमाम मुद्दों पर विशेष बातचीत की।

adv-img
adv-img