छुड़ानी गांव में टूटी मातन लिंक और केसीबी ड्रेन, बाढ़ जैसे बने हालात

By Arvind Kumar - July 22, 2021 4:07 pm

बहादुरगढ़। (प्रदीप धनखड़) बहादुरगढ़ के छुड़ानी गांव में मातन लिंक और केसीबी ड्रेन टूटने से बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं। गांव के खेतों में पानी भरने से 500 एकड़ में उगाई गयी धान की फसल बर्बाद हो गयी है। किसानों ने धान की फसल पर लाखों खर्च किया था। लेकिन सिंचाई विभाग की लापरवाही का वजह से यह ड्रेन टूट गयी और खेतों में वाणी भर गया।

घटना की जानकारी मिलते ही सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने मौके का जायजा लिया और कर्मचारियों को ड्रेन ठीक करने में लगावाया गया। आरोप है कि लापरवाही सिंचाई विभाग की है क्योंकि मानसून से पहले ड्रेन को ना तो सफाई करवाई गई और ना ही उसके साथ मिट्टी लगाई। इसका खामियाजा अब किसानों को भुगतना पड़ रहा यही।

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किसानों का कहना है कि झज्जर सिंचाई विभाग ने समय परर केसीबी ड्रेन की सफाई नहीं करवाई। उनका कहना है कि विभाग के अधिकारियों ने ठेकेदारों ने सफाई के नाम पर सिर्फ किनारों की खुरचन ही की गई। किसानों ने प्रदेश सरकार से इस बर्बादी का मुआवजा देने की मांग की है।


किसानों का कहना है कि प्रशासनिक अधिकारी और सिंचाई विभाग ने भी किसानों की सुध नहीं ली। कुछ दिन पहले मातन लिंक ड्रेन की स्ट्रेनथिंग का भी करीब 2 करोड़ से ज्यादा का टेंडर लगाया गया था। लेकिन इसका काम भी मानसून से पहले पूरा नहीं हुआ। किसानों का कहना है कि रोहतक सिंचाई विभाग अपने हिस्से में केसीबी ड्रेन की सफाई करवाई है लेकिन झज्जर के सिंचाई विभाग के हिस्से में केसीबी की न तो सफाई और न ही छंटाई। किसानों का कहना है कि इसी वजह से हर साल केसीबी ड्रेन टूटती है और उनकी बेशकीमती फसल बर्बाद हो जाती हैं।

वहीं सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने फिलहाल ड्रेन की मरम्मत करवा दी है। जल्द मातन लिंक ड्रेन के ऊपर मिट्टी डाल दी जाएगी। विभाग कोशिश कर रहा है कि अगली बरसात से पहले दोनों ड्रेन की मरम्मत करवा दी जाए ताकि किसानों को फसलों का नुकसान ना हो।

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