वायरल वीडियो वाले SDM ने लाठीचार्ज पर दी सफाई, जानिए अब क्या कहा?

By Arvind Kumar - August 29, 2021 10:08 am

चंडीगढ़। करनाल में किसानों पर लाठीचार्ज के बाद एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें एक अधिकारी पुलिस कर्मचारियों को लाठीचार्ज के निर्देश देते हुए दिख रहा है। अधिकारी द्वारा किसानों के सिर फोड़ने की बात भी कही जा रही है। हालांकि अब उक्त अधिकारी ने अपनी सफाई दी है। करनाल एसडीएम आयुष सिन्हा ने कहा कि कई जगहों पर पथराव शुरू हो गया था। ब्रीफिंग के दौरान कहा गया था कि आनुपातिक रूप से बल प्रयोग करें।


वहीं करनाल लाठीचार्ज पर एडीजीपी लॉ एंड ऑर्डर नवदीप विर्क ने कहा कि बसताड़ा टोल पर 28 अगस्त को दोपहर लगभग 12:00 बजे के आसपास किसान प्रदर्शनकारियों ने नेशनल हाईवे जाम कर दिया और शहर की तरफ बढ़ने लगे। जब वहां पर तैनात अधिकारियों व पुलिस बल ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो कुछ किसानों ने उग्र रूप ले लिया तथा पुलिस बल पर पत्थर व कस्सी से हमला कर दिया। जिस पर पुलिस ने नियमानुसार हल्का बल प्रयोग करते हुए उन्हें वहां से हटाया।

उन्होंने बताया कि अभी तक प्राप्त जानकारी के अनुसार 4 किसान व 10 पुलिस कर्मचारी घायल हुए हैं। 7 जून को टोहाना में हुए समझौते में संयुक्त किसान मोर्चा ने लिखित रूप से या आश्वासन दिया था कि भविष्य में वह किसी भी प्रदर्शन के दौरान उग्र रूप धारण नहीं करेंगे। लेकिन इसके बाद भी कई बार इस समझौते का उल्लंघन प्रदर्शन के दौरान किया गया है लेकिन जब ऐसी स्थिति आती है तो पुलिस को लॉ एंड ऑर्डर मेंटेन करने के लिए कदम उठाना पड़ता है।

यह भी पढ़ें- किसानों पर लाठीचार्ज करना बेहद निंदनीय और कायरतापूर्ण भरा कदम: अभय सिंह चौटाला

यह भी पढ़ें- हनी सिंह को कोर्ट की फटकार, कहा- कानून से ऊपर कोई नहीं

वहीं लाठीचार्ज पर हरियाणा के सीएम एमएल खट्टर ने कहा कि अगर वे विरोध करना चाहते थे, तो उन्हें शांतिपूर्ण तरीके से करना चाहिए था। यदि वे रोड जाम करते हैं और पुलिस पर पथराव करते हैं, तो पुलिस भी कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कदम उठाएगी। हम इसे देखेंगे और आवश्यक कार्रवाई करेंगे।


उल्लेखनीय है कि शनिवार को करनाल में पुलिस ने किसानों पर लाठीचार्ज कर दिया था। किसान बीजेपी के कार्यक्रम का विरोध कर रहे थे लेकिन जब किसानों ने सड़क जाम करना शुरू किया और शहर की तरफ बढ़ने लगे तो पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। इसके बाद किसान नेताओं ने सड़क जाम करने की कॉल दे दी। जिसके बाद शनिवार देर शाम तक हरियाणा की कई सड़कें बंद रहीं। हालांकि देर शाम किसान नेताओं ने रोड जाम की कॉल को वापस ले लिया और सड़कों को आवाजाही के लिए खोल दिया।

adv-img
adv-img