हरियाणा में NRC से असम के रहने वाले लोगों में पैदा हुई असुरक्षा की भावना

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हरियाणा में NRC से असम के रहने वाले लोगों में पैदा हुई असुरक्षा की भावना

रोहतक। असम की तर्ज पर हरियाणा में भी राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर यानि एनआरसी लागू किया जाएगा। सीएम मनोहर लाल के इस बयान के बाद उन लोगों में असुरक्षा की भावना पैदा हो गई, जो अवैध रूप से हरियाणा में रह रहे हैं। प्रदेश के लगभग सभी शहरों में असम से आए हुए प्रवासी लोग रह रहे हैं, जो प्लास्टिक कचरा बीनने का काम करते हैं। रोहतक में भी सैंकड़ों की तादाद में असम के लोग झुग्गियां बनाकर रह रहे हैं। इनका दावा है कि ये असम के ही रहने वाले हैं और ये भारत के नागरिक हैं। एनआरसी में भी इनका नाम है और इनके पास आधार कार्ड और वोट कार्ड भी हैं।

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हरियाणा में NRC से असम के रहने वाले लोगों में पैदा हुई असुरक्षा की भावना

असम के रहने वाले इन प्रवासी मजदूरों का काम शहर से प्लास्टिक कचरा बीनने का है, जिससे ये अपने परिवार का गुजर बसर कर रहे हैं। कई बार इनकी नागरिकता को लेकर भी सवाल उठे। कोई इन्हें बांग्लादेशी बताता है तो कोई रोहिंग्या मुसलमान। लेकिन इनका कहना है कि ये असम के रहने वाले हैं और यहां पिछले कई सालों से कचरा बीनने का काम करते हैं। इन्होंने कहा कि एनआरसी को लेकर इनको काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई बार यहां से डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए असम जाना पड़ता है, जिसमें हजारों रुपए खर्च हो जाते हैं। लेकिन एनआरसी की फाइनल लिस्ट में उनका नाम है, अब कोई डर नहीं।

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हरियाणा में NRC से असम के रहने वाले लोगों में पैदा हुई असुरक्षा की भावना

रोहतक शहर से बाहर झुग्गियां बनाकर रह रहे इन परिवारों का दावा है कि वे असम के रहने वाले हैं और भारत के नागरिक हैं। सभी पहचान पत्र बने हुए हैं, पहले काफी चक्कर काटने पड़ते थे, लेकिन अब एनआरसी को लेकर कोई चिंता नहीं। हां, प्लास्टिक पर बैन लग जाने के कारण उनका काम ठप हो गया है। मुश्किल से गुजारा हो रहा है, अब कोई दूसरा काम देखना पड़ेगा, जिससे परिवार का पेट पाल सकें। इनका कहना है कि हरियाणा सरकार किसी भी वक्त उनकी जांच कर सकती है, इनके पास सभी पहचान पत्र हैं, जिससे साबित हो जाएगा कि वे भारत के नागरिक हैं।

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—PTC NEWS—